नींद में डर लगने पर

أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ غَضَبِهِ وَعِقَابِهِ وَشَرِّ عِبَادِهِ وَمِنْ هَمَزَاتِ الشَّيَاطِينِ وَأَنْ يَحْضُرُونِ

उच्चारण

A'udhu bi-kalimatillahit-tammati min ghadabihi wa 'iqabihi wa sharri 'ibadihi wa min hamazatish-shayatin wa an yahduruni

तर्जुमा

मैं अल्लाह के संपूर्ण कलिमों की पनाह माँगता हूँ, उसके क्रोध और उसकी सज़ा से, उसके बंदों की बुराई से, और शैतानों के वसवसों से और इस बात से कि वे मेरे पास आएँ।

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