उच्चारण
Qadarullahi wa ma sha'a fa'al
तर्जुमा
यह अल्लाह की तक़दीर है, और वह जो चाहता है, करता है। (यह न कहो: अगर मैंने ऐसा-ऐसा किया होता, क्योंकि ‘अगर’ शैतान के काम का दरवाज़ा खोल देता है)
Qadarullahi wa ma sha'a fa'al
यह अल्लाह की तक़दीर है, और वह जो चाहता है, करता है। (यह न कहो: अगर मैंने ऐसा-ऐसा किया होता, क्योंकि ‘अगर’ शैतान के काम का दरवाज़ा खोल देता है)
Inna lillahi wa inna ilayhi raji'un, Allahumma'-jurni fi musibati wakhluf li khayran minha
निःसंदेह हम अल्लाह ही के हैं और हमें उसी की ओर लौटकर जाना है। ऐ अल्लाह! मुझे मेरी मुसीबत में सवाब दे और मुझे इसके बदले में इससे बेहतर दे। (जो मुसीबत के समय यह कहे, अल्लाह उसे उसकी मुसीबत में सवाब देगा और उसके बदले में उसे इससे बेहतर देगा)