हिस्नुल मुस्लिम (मुसलमान का क़िला)
क़ुरआन और सुन्नत से रोज़मर्रा की सहीह दुआएँ और अज़कार
हिस्नुल मुस्लिम (حصن المسلم), यानी “मुसलमान का क़िला”, मुस्लिम दुनिया में दुआओं के सबसे पसंदीदा और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले संग्रहों में से एक है। इसमें क़ुरआन और सहीह सुन्नत से ली गई दुआएँ और अज़कार जमा किए गए हैं, जिन्हें रोज़मर्रा ज़िंदगी के मौक़ों के हिसाब से तरतीब दिया गया है। इसका नाम ही इसका मक़सद बता देता है: अल्लाह का ज़िक्र एक ऐसा क़िला है, जो ईमान वाले के दिल की हिफ़ाज़त करता है और उसे मज़बूत रखता है।
इस संग्रह को सऊदी आलिम शेख़ सईद बिन अली बिन वहफ़ अल-क़हतानी (रहमतुल्लाह अलैह) ने संकलित किया, जिन्होंने हर दुआ के साथ क़ुरआन और सुन्नत में उसके स्रोत का हवाला दिया। इसे रोज़मर्रा के हालात के हिसाब से तरतीब दिया गया है — सुबह और शाम, सोने से पहले, घर में दाख़िल होते और निकलते समय, खाने के समय, सफ़र में, परेशानी के लम्हों में और नमाज़ के बाद — ताकि सही अल्फ़ाज़ हमेशा आपके पास रहें। इस पेज पर आपको हर दुआ असल अरबी में मिलेगी, साथ में सही अदायगी के लिए साफ़ उच्चारण और उसके मतलब का तर्जुमा भी।
अध्याय
ग्यारह अध्यायों में दुआएँ देखें — सुबह और शाम के अज़कार से लेकर सफ़र, नमाज़ और परेशानी के समय की दुआओं तक।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिस्नुल मुस्लिम (मुसलमान का क़िला) क्या है?
हिस्नुल मुस्लिम, यानी “मुसलमान का क़िला”, क़ुरआन और सुन्नत से ली गई सहीह दुआओं और अज़कार का एक मशहूर और ख़ूब पढ़ा जाने वाला संग्रह है। इसका नाम एक सीधी-सी बात बताता है: अल्लाह का ज़िक्र एक क़िला है, जो दिन भर ईमान वाले की हिफ़ाज़त करता है और उसे सुकून देता है।
हिस्नुल मुस्लिम किसने संकलित की?
इसे सऊदी आलिम शेख़ सईद बिन अली बिन वहफ़ अल-क़हतानी (रहमतुल्लाह अलैह) ने संकलित किया, जिनका इंतक़ाल 2018 में हुआ। उन्होंने क़ुरआन और सहीह सुन्नत से साबित दुआएँ जमा कीं और उनके हवाले दर्ज किए, ताकि पढ़ने वाले पूरे इत्मीनान से उन पर भरोसा कर सकें।
इस किताब में क्या है और इसे किस तरह तरतीब दिया गया है?
इसमें मुसलमान की रोज़मर्रा ज़िंदगी के मौक़ों की दुआएँ और अज़कार हैं, जिन्हें हालात के हिसाब से तरतीब दिया गया है — जैसे सुबह और शाम, सोने से पहले, खाना, सफ़र, नमाज़ और परेशानी के समय। Azan पर इन्हें ग्यारह अध्यायों में बाँटा गया है, जिससे किसी भी समय ठीक वही दुआ ढूँढना आसान हो जाता है जिसकी आपको ज़रूरत हो।
क्या ये दुआएँ क़ुरआन और सुन्नत से ली गई सहीह दुआएँ हैं?
जी हाँ। यह संग्रह क़ुरआन और सहीह सुन्नत से साबित दुआओं को उनके हवालों के साथ जमा करने के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि भारत समेत दुनिया भर के मुसलमान इस पर भरोसा करते हैं और इसे इस्तेमाल करते हैं।
