नींद से जागने पर

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُورُ

उच्चारण

Alhamdu lillahilladhi ahyana ba'da ma amatana wa ilayhin-nushur

तर्जुमा

सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें मौत (नींद) के बाद ज़िंदगी दी, और उसी की ओर उठकर जाना है।

لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، سُبْحَانَ اللَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، وَلاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ، وَلاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ. رَبِّ اغْفِرْ لِي

उच्चारण

La ilaha illallahu wahdahu la sharika lah, lahul-mulku wa lahul-hamd, wa huwa 'ala kulli shay'in qadir, Subhanallah, walhamdulillah, wa la ilaha illallah, wallahu akbar, wa la hawla wa la quwwata illa billahil-'aliyyil-'adhim. Rabbighfir li

तर्जुमा

अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाहत है और उसी के लिए सारी प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। अल्लाह पवित्र है, सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है। और न कोई ताक़त है और न कोई शक्ति, सिवाय अल्लाह के, जो सबसे ऊँचा, सबसे महान है। ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे। (जो यह कहे और फिर दुआ करे, उसकी दुआ क़बूल की जाएगी। और अगर वह वुज़ू करके नमाज़ पढ़े, तो उसकी नमाज़ क़बूल की जाएगी)

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي عَافَانِي فِي جَسَدِي وَرَدَّ عَلَيَّ رُوحِي وَأَذِنَ لِي بِذِكْرِهِ

उच्चारण

Alhamdu lillahilladhi 'afani fi jasadi wa radda 'alayya ruhi wa adhina li bidhikrih

तर्जुमा

सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने मुझे मेरी सेहत लौटाई, मेरी रूह मुझे वापस दी, और मुझे अपना ज़िक्र करने की अनुमति दी।

उच्चारण

सूरह आले इमरान की आख़िरी दस आयतें (3:190-200) पढ़ें: ‘निःसंदेह आसमानों और ज़मीन की रचना में, और रात और दिन के बारी-बारी आने-जाने में बुद्धि वालों के लिए निशानियाँ हैं...’ से सूरह के अंत तक।

तर्जुमा

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