सूरह 55

अर-रहमान

الرَّحۡمَٰن

Ar-Rahman · मदनी · 78 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. 1

    ٱلرَّحْمَٰنُ

    Ar Rahmaan

    अत्यंत दयावान् ने।

  2. 2

    عَلَّمَ ٱلْقُرْءَانَ

    'Allamal Quran

    यह क़ुरआन सिखाया।

  3. 3

    خَلَقَ ٱلْإِنسَٰنَ

    Khalaqal insaan

    उसने मनुष्य को पैदा किया।

  4. 4

    عَلَّمَهُ ٱلْبَيَانَ

    'Allamalhul bayaan

    उसे बात करना सिखाया।

  5. 5

    ٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ بِحُسْبَانٍۢ

    Ashshamsu walqamaru bihusbaan

    सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।

  6. 6

    وَٱلنَّجْمُ وَٱلشَّجَرُ يَسْجُدَانِ

    Wannajmu washshajaru yasjudan

    तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।

  7. 7

    وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلْمِيزَانَ

    Wassamaaa'a rafa'ahaa wa wada'al Meezan

    और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।[1]

    [1] (देखिए : सूरतुल-ह़दीद, आयत : 25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उसके पालन का आदेश दिया।

  8. 8

    أَلَّا تَطْغَوْا۟ فِى ٱلْمِيزَانِ

    Allaa tatghaw fil meezaan

    ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।

  9. 9

    وَأَقِيمُوا۟ ٱلْوَزْنَ بِٱلْقِسْطِ وَلَا تُخْسِرُوا۟ ٱلْمِيزَانَ

    Wa aqeemul wazna bilqisti wa laa tukhsirul meezaan

    तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।

  10. 10

    وَٱلْأَرْضَ وَضَعَهَا لِلْأَنَامِ

    Wal arda wada'ahaa lilanaame

    और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।

  11. 11

    فِيهَا فَٰكِهَةٌۭ وَٱلنَّخْلُ ذَاتُ ٱلْأَكْمَامِ

    Feehaa faakihatunw wan nakhlu zaatul akmaam

    उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।

  12. 12

    وَٱلْحَبُّ ذُو ٱلْعَصْفِ وَٱلرَّيْحَانُ

    Walhabbu zul 'asfi war Raihaanu

    और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।

  13. 13

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  14. 14

    خَلَقَ ٱلْإِنسَٰنَ مِن صَلْصَٰلٍۢ كَٱلْفَخَّارِ

    Khalaqal insaana min salsaalin kalfakhkhaari

    उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।

  15. 15

    وَخَلَقَ ٱلْجَآنَّ مِن مَّارِجٍۢ مِّن نَّارٍۢ

    Wa khalaqal jaaan mim maarijim min naar

    तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।

  16. 16

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  17. 17

    رَبُّ ٱلْمَشْرِقَيْنِ وَرَبُّ ٱلْمَغْرِبَيْنِ

    Rabbul mashriqayni wa Rabbul maghribayni

    (वह) सूर्योदय[2] के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।

    [2] गर्मी तथा जाड़े में सूर्योदय तथा सूर्यास्त के स्थानों का। इससे अभिप्राय पूर्व तथा पश्चिम की दिशा नहीं है।

  18. 18

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  19. 19

    مَرَجَ ٱلْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ

    Marajal bahrayni yalta qiyaani

    उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।

  20. 20

    بَيْنَهُمَا بَرْزَخٌۭ لَّا يَبْغِيَانِ

    Bainahumaa barzakhul laa yabghiyaan

    उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।

  21. 21

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  22. 22

    يَخْرُجُ مِنْهُمَا ٱللُّؤْلُؤُ وَٱلْمَرْجَانُ

    Yakhruju minhumal lu 'lu u wal marjaanu

    उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।

  23. 23

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  24. 24

    وَلَهُ ٱلْجَوَارِ ٱلْمُنشَـَٔاتُ فِى ٱلْبَحْرِ كَٱلْأَعْلَٰمِ

    Wa lahul jawaaril mun sha'aatu fil bahri kal a'laam

    तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।

  25. 25

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  26. 26

    كُلُّ مَنْ عَلَيْهَا فَانٍۢ

    Kullu man 'alaihaa faan

    हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।

  27. 27

    وَيَبْقَىٰ وَجْهُ رَبِّكَ ذُو ٱلْجَلَٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ

    Wa yabqaa wajhu rabbika zul jalaali wal ikraam

    तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

  28. 28

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  29. 29

    يَسْـَٔلُهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ كُلَّ يَوْمٍ هُوَ فِى شَأْنٍۢ

    Yas'aluhoo man fissamaawaati walard; kulla ywmin huwa fee shaan

    उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।[3]

    [3] अर्थात वह अपनी उत्पत्ति की आवश्यकताएँ पूरी करता, प्रार्थनाएँ सुनता, सहायता करता, रोगी को निरोग करता, अपनी दया प्रदान करता, तथा अपमान-सम्मान और विजय-प्राजय देता और अनगिनत कार्य करता है।

  30. 30

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  31. 31

    سَنَفْرُغُ لَكُمْ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ

    Sanafrughu lakum ayyuhas saqalaan

    हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे[4] ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)[5]

    [4] इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है।

    [5] इसमें प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जाएगा।

  32. 32

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  33. 33

    يَٰمَعْشَرَ ٱلْجِنِّ وَٱلْإِنسِ إِنِ ٱسْتَطَعْتُمْ أَن تَنفُذُوا۟ مِنْ أَقْطَارِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ فَٱنفُذُوا۟ ۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلْطَٰنٍۢ

    Yaa ma'sharal jinni wal insi inis tata'tum an tanfuzoo min aqtaaris samaawaati wal ardi fanfuzoo; laa tanfuzoona illaa bisultaan

    ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।[6]

    [6] अर्थ यह है कि अल्लाह की पकड़ से बच निकलना तुम्हारे बस में नहीं है।

  34. 34

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  35. 35

    يُرْسَلُ عَلَيْكُمَا شُوَاظٌۭ مِّن نَّارٍۢ وَنُحَاسٌۭ فَلَا تَنتَصِرَانِ

    Yursalu 'alaikumaa shuwaazum min naarifiw-wa nuhaasun falaa tantasiraan

    तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।

  36. 36

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  37. 37

    فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتْ وَرْدَةًۭ كَٱلدِّهَانِ

    Fa-izan shaqqatis samaaa'u fakaanat wardatan kaddihaan

    फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।

  38. 38

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  39. 39

    فَيَوْمَئِذٍۢ لَّا يُسْـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٌۭ وَلَا جَآنٌّۭ

    Fa-yawma'izil laa yus'alu 'an zambiheee insunw wa laa jaann

    फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।

  40. 40

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  41. 41

    يُعْرَفُ ٱلْمُجْرِمُونَ بِسِيمَٰهُمْ فَيُؤْخَذُ بِٱلنَّوَٰصِى وَٱلْأَقْدَامِ

    Yu'raful mujrimoona biseemaahum fa'yu'khazu binna waasi wal aqdaam

    अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।

  42. 42

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  43. 43

    هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِى يُكَذِّبُ بِهَا ٱلْمُجْرِمُونَ

    Haazihee jahannamul latee yukazzibu bihal mujrimoon

    यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।

  44. 44

    يَطُوفُونَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ حَمِيمٍ ءَانٍۢ

    Yatoofoona bainahaa wa baina hameemim aan

    वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।

  45. 45

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  46. 46

    وَلِمَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ

    Wa liman khaafa maqaama rabbihee jannataan

    और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।

  47. 47

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  48. 48

    ذَوَاتَآ أَفْنَانٍۢ

    Zawaataaa afnaan

    दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।

  49. 49

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  50. 50

    فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ

    Feehimaa 'aynaani tajriyaan

    उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।

  51. 51

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  52. 52

    فِيهِمَا مِن كُلِّ فَٰكِهَةٍۢ زَوْجَانِ

    Feehimaa min kulli faakihatin zawjaan

    उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।

  53. 53

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  54. 54

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشٍۭ بَطَآئِنُهَا مِنْ إِسْتَبْرَقٍۢ ۚ وَجَنَى ٱلْجَنَّتَيْنِ دَانٍۢ

    Muttaki'eena 'alaa furushim bataaa'inuhaa min istabraq; wajanal jannataini daan

    ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।

  55. 55

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  56. 56

    فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌۭ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّۭ

    Feehinna qaasiratut tarfi lam yatmishunna insun qablahum wa laa jaaann

    उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।

  57. 57

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  58. 58

    كَأَنَّهُنَّ ٱلْيَاقُوتُ وَٱلْمَرْجَانُ

    ka annahunnal yaaqootu wal marjaan

    मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।

  59. 59

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  60. 60

    هَلْ جَزَآءُ ٱلْإِحْسَٰنِ إِلَّا ٱلْإِحْسَٰنُ

    Hal jazaaa'ul ihsaani illal ihsaan

    एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?

  61. 61

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  62. 62

    وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ

    Wa min doonihimaa jannataan

    तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।

  63. 63

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  64. 64

    مُدْهَآمَّتَانِ

    Mudhaaammataan

    दोनों गहरे हरे रंग के हैं।

  65. 65

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  66. 66

    فِيهِمَا عَيْنَانِ نَضَّاخَتَانِ

    Feehimaa 'aynaani nad daakhataan

    उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।

  67. 67

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  68. 68

    فِيهِمَا فَٰكِهَةٌۭ وَنَخْلٌۭ وَرُمَّانٌۭ

    Feehimaa faakihatunw wa nakhlunw wa rummaan

    उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।

  69. 69

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  70. 70

    فِيهِنَّ خَيْرَٰتٌ حِسَانٌۭ

    Feehinna khairaatun hisaan

    उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।

  71. 71

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  72. 72

    حُورٌۭ مَّقْصُورَٰتٌۭ فِى ٱلْخِيَامِ

    Hoorum maqsooraatun fil khiyaam

    हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।

  73. 73

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  74. 74

    لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌۭ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّۭ

    Lam yatmis hunna insun qablahum wa laa jaaann

    उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।[7]

    [7] ह़दीस में है कि यदि स्वर्ग की कोई सुंदरी संसार वासियों की ओर झाँक दे, तो दोनों के बीच उजाला हो जाए और उन्हें सुगंध से भर दे। (सह़ीह़ बुख़ारी शरीफ़ : 2796)

  75. 75

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  76. 76

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفْرَفٍ خُضْرٍۢ وَعَبْقَرِىٍّ حِسَانٍۢ

    Muttaki'eena 'alaa rafratin khudrinw wa 'abqariyyin hisaan

    वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।

  77. 77

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  78. 78

    تَبَٰرَكَ ٱسْمُ رَبِّكَ ذِى ٱلْجَلَٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ

    Tabaarakasmu Rabbika Zil-Jalaali wal-Ikraam

    बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

तर्जुमा: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी (1.1.5) · QuranEnc.com