बाज़ार में प्रवेश करते समय

لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ حَيٌّ لاَ يَمُوتُ، بِيَدِهِ الْخَيْرُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ

उच्चारण

La ilaha illallahu wahdahu la sharika lah, lahul-mulku wa lahul-hamd, yuhyi wa yumit, wa huwa hayyun la yamut, bi-yadihil-khayr, wa huwa 'ala kulli shay'in qadir

तर्जुमा

अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाहत है और उसी के लिए सारी प्रशंसा है। वही ज़िंदगी देता है और वही मौत देता है, और वह सदा जीवित है, उसे मौत नहीं आती। हर भलाई उसी के हाथ में है, और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। (जो यह कहे, अल्लाह उसके लिए दस लाख नेकियाँ लिख देगा, उसकी दस लाख बुराइयाँ मिटा देगा, और उसके दस लाख दर्जे ऊँचे कर देगा)

जगहों में प्रवेश करना और निकलना श्रेणी की और दुआएँ

अन्य दुआएँ देखें