ٱلظَّاهِرُ
प्रत्यक्ष
वह जिसका अस्तित्व उसकी निशानियों से प्रकट और स्पष्ट है। सृष्टि के अजूबों और ब्रह्मांड की व्यवस्था से उसकी मौजूदगी स्पष्ट हो जाती है।