ٱلْبَاطِنُ
अप्रत्यक्ष
वह जिसकी ज़ात इंसानी अनुभूति और समझ से छिपी है। वह शारीरिक इंद्रियों की पहुँच से परे है, फिर भी हमसे हमारी अपनी जान से भी अधिक निकट है।