अरफ़ा के दिन

لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ

उच्चारण

La ilaha illallahu wahdahu la sharika lah, lahul-mulku wa lahul-hamd, wa huwa 'ala kulli shay'in qadir

तर्जुमा

अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाहत है और उसी के लिए सारी प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। (सबसे अच्छी दुआ अरफ़ा के दिन की दुआ है, और सबसे अच्छी बात जो मैंने और मुझसे पहले के नबियों ने कही, वह यही है)

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