रोज़ा खोलते समय (इफ़्तार)

ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ

उच्चारण

Dhahabadh-dhama' wabtallat il-'uruq wa thabatal-ajru in sha'Allah

तर्जुमा

प्यास चली गई, रगें तर हो गईं, और अगर अल्लाह ने चाहा तो सवाब पक्का हो गया।

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الَّتِي وَسِعَتْ كُلَّ شَيْءٍ أَنْ تَغْفِرَ لِي

उच्चारण

Allahumma inni as'aluka bi-rahmatikalati wasi'at kulla shay'in an taghfira li

तर्जुमा

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते से सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है, कि तू मुझे क्षमा कर दे।

रोज़ा (रमज़ान) श्रेणी की और दुआएँ

अन्य दुआएँ देखें